Saturday, 15 August 2015



चिठ्ठी  कोई  सन्देश , चिठ्ठी कोई सन्देश , जाने वो कौनसा देश , जहाँ तुम चले गए 

जहाँ तुम चले गए ,  जहाँ तुम चले गए , जहाँ तुम चले गए    ...............




अब यादों के कांटे , इस दिल में चुभते हैं !

 दर्द ठहरता  है ,    आंसूं रुकते  हैं  !

तुम्हे  ढूंढ  रहा  है  प्यार ,

हम कैसे करें  इकरार

कहाँ तुम चले  गए ?

जहाँ  तुम चले  गए , जहाँ  तुम चले गए
जहाँ तुम चले गए .....................

चिठ्ठी कोई सन्देश , जाने वो कौनसा देश

चिठ्ठी  कोई सन्देश , जाने वो कौनसा देश

इस दिल पे लगा के ठेस , जाने वो कौनसा देश , ,जहाँ तुम चले गए                      

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चिठ्ठी  कोई सन्देश , जाने वो कौनसा  देश


इस दिल पे लगा  के  ठेस

जाने वो कौनसा  देश



 कहाँ  तुम चले गए  ,  

कहाँ  तुम चले गए

 कहाँ  तुम चले गए  ! 



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