Saturday, 15 August 2015










दोस्त दोस्त ना रहा, प्यार प्यार ना रहा
ज़िंदगी हमें तेरा
ऐतबार ना रहा, ऐतबार ना रहा !


दोस्त दोस्त ना रहा, प्यार प्यार ना रहा
ज़िंदगी हमें तेरा
ऐतबार  ना रहा, ऐतबार ना रहा |


अमानतें  मैं प्यार की ,गया था जिसको सौंप कर
वो  मेरे  दोस्त तुम ही थे, तुम्हीं तो थे
जो ज़िंदगी की राह मे , बने थे मेरे हमसफ़र
वो  मेरे  दोस्त तुम ही थे, तुम्हीं तो थे !

सारे भेद खुल गए, राज़दार ना रहा
ज़िंदगी हमें तेरा , ऐतबार ना रहा, ऐतबार ना रहा ......... |


गले लगी  सहम सहम,   भरे गले से बोलती
वो तुम  ना थी  तो कौन था , तुम्हीं तो थी

सफ़र के वक़्त में पलक पे
मोतियों को तौलती


वो तुम  ना थी तो कौन था, तुम्हीं तो थी !

नशे की रात ढल गयी, अब खुमार ना रहा
ज़िंदगी  हमें तेरा , ऐतबार ना रहा, ऐतबार ना रहा ....... |

दोस्त दोस्त ना रहा, प्यार प्यार ना रहा
ज़िंदगी हमें तेरा
ऐतबार ना रहा, ऐतबार ना रहा ! 

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