Tuesday, 4 August 2015

ना कोई है, ना कोई था, ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा


जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा  –

ना कोई है, ना कोई था, ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा

हो चाँदनी जब तक रात, देता है हर कोई साथ
तुम मगर अन्धेरों में, ना छोड़ना मेरा हाथ   –

जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा
ना कोई है, ना कोई था, ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा

वफ़ादारी की वो रस्में, निभाएँगे हम तो कसमें
एक भी साँस ज़िन्दगी की, जब तक हो अपने बस में  –

जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा
ना कोई है, ना कोई था, ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा

दिल को मेरे हुआ यकीं, हम पहले भी मिले कहीं
सिलसिला ये सदियों का, कोई आज की बात नहीं  –

जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा  –
ना कोई है, ना कोई था, ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा


जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए
तुम देना साथ मेरा, , हमनवा  |



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