Thursday, 30 July 2015

वो बुराई करें हम भलाई भरें , नहीं बदले की हो कामना !



मालिक तेरे बंदे हम
ऐसे हो हमारे करम

नेकी पर चले और बदी से टलें
ताकि हंसते हुये निकले दम

मालिक तेरे बंदे हम  ......

बड़ा कमज़ोर है आदमी
अभी लाखों हैं इसमें कमीं
पर तू जो खड़ा है दयालू बड़ा
तेरी कृपा से धरती थमी !

दिया तूने जो हमको जनम
तू ही झेलेगा हम सबके ग़म
नेकी पर चलें और बदी से टलें
ताकि हंसते हुये निकले दम |

मालिक तेरे बंदे हम .......

जब ज़ुल्मों का हो सामना
जब ज़ुल्मों का हो सामना
तब तू ही हमें थामना
वो बुराई करें हम भलाई भरें
नहीं बदले की हो कामना !

बढ़ उठे प्यार का हर कदम
और मिटते वैर का यह बरम !

नेकी पर चलें और बदी से टलें
ताकि हंसते हुये निकले दम |


    मालिक     तेरे     बंदे     हम          |                                  




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