ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं
वल्ला ये धड़कन बढ़ने लगी है , दांत से रेशमी डोर कटती नहीं
उम्र कब की बरस के सुफैद हो गई , कारी बदरी जवानी की छटती नहीं
चेहरे की रंगत उड़ने लगी है , डर लगता है तनहा सोने में जी
दिल तो बच्चा है जी – २
थोडा कच्चा है जी , हाँ दिल तो बच्चा है जी .................
ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं , दांत से रेशमी डोर कटती नहीं
उम्र कब की बरस के सुफैद हो गई , कारी बदरी जवानी की छटती नहीं
रा रा रा ………................................
उम्र कब की बरस के सुफैद हो गई , कारी बदरी जवानी की छटती नहीं
रा रा रा ………................................
किस को पता था पहलू में रखा , दिल ऐसा बाज़ी भी होगा
हम तो हमेशा समझते थे कोई , हम जैसा हाजी ही होगा
हाय जोर करें , कितना शोर करें . बे वजह बातों पे , हैं वें गौर करें
हम तो हमेशा समझते थे कोई , हम जैसा हाजी ही होगा
हाय जोर करें , कितना शोर करें . बे वजह बातों पे , हैं वें गौर करें
दिल सा कोई कमीना नहीं
कोई तो रोके , कोई तो टोके ,
इस उम्र में अब खाओगे धोके
डर लगता है इश्क करने में जी
दिल तो बच्चा है जी – २ , थोडा कच्चा है जीहाँ दिल तो बच्चा है जी ...........
ऐसी उदासी बैठी है दिल पे ,हंसने से घबरा रहें हैं
सारी जवानी कतरा के काटी , पीरी में टकरा गये हैं
सारी जवानी कतरा के काटी , पीरी में टकरा गये हैं
दिल धड़कता है तो , ऐसे लगता है वो , आ रहा है यहीं , देखता है नहीं वो
प्रेम की मारे कटार रे
प्रेम की मारे कटार रे
तौबा ये लम्हे कटते नहीं क्यूँ , आँखों से मेरी हटते नहीं क्यूँ
डर लगता है मुझसे कहने में जी
दिल तो बच्चा है जी
दिल तो बच्चा है जी , थोडा कच्चा है जी ,, हाँ दिल तो बच्चा है जी
रा रा रा ………................................

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