Thursday, 23 July 2015

तुम ही हमका हो संभाले , तुम ही हमरे रखवाले , तुम्हरे बिन हमरा कौनों नाहीं

 पालनहारे, निर्गुण और न्यारे ,  पालनहारे, निर्गुण और न्यारे
तुम्हरे बिन हमरा कौनों नाहीं  ,

हमरी उलझन सुलझाओ भगवन , तुम्हरे  बिन हमरा कौनों नाहीं

तुम  ही  हमका  हो  संभाले , तुम  ही  हमरे  रखवाले
तुम्हरे बिन हमरा कौनों नाहीं

तुम्हरे बिन हमरा कौनों नाहीं , तुम्हरे  बिन हमरा कौनों नाहीं


चंदा में  , तुम ही तो भरे हो चांदनी
सूरज में ,  उजाला तुम ही  से

यह गगन है मगन, तुम ही तो दिए हो इसे  तारे
भगवन, यह  जीवन  , तुम  ही   संवारोगे
तो क्या कोई  सँवारे

पालनहारे, निर्गुण और न्यारे
तुम्हरे बिन हमरा  कौनों नाहीं  –

जो सुनो तो कहे  प्रभुजी हमरी है  बिनती
दुखी जन को , धीरज दो
हारे नहीं वोह , कभी दुःख से
तुम निर्बल को ,  रक्षा दो

रह पाए निर्बल सुख से , भक्ति को शक्ति दो
भक्ति को शक्ति दो , जग के जो स्वामी  हो, इतनी तो अरज सुनो

है पथ में अंधियारे , दे दो वरदान में उजियारे

  पालनहारे, निर्गुण  और  न्यारे   ,,  तुम्हरे बिन हमरा कौनों नाहीं
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन   ,,   तुम्हरे बिन हमरा कौनों नाहीं   .........  ३ )





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